Kargil Vijay Diwas 2022 Know About 9 Weapons Used In Kargil War From Bofors To Pistol – Kargil War: बोफोर्स से लेकर पिस्टल तक रहे साथी, पढ़ें-दुश्मन को घुटनों के बल लाने में इन ‘नौ-रत्नों’ की भूमिका

कारगिल युद्ध के 23 साल पूरे होने पर देश सर्वोच्च बलिदान देने वाले अपने वीर जवानों को नमन कर रहा है। इस युद्ध में भारतीय सेना के जवानों ने अदम्य वीरता और रणकौशल का परिचय देते हुए पाकिस्तानी सेना को धूल चटाई। इसके साथ ही इस युद्ध में सेना के शौर्य में नौ ऐसे हथियारों का भी योगदान है, जिन्होंने पाकिस्तान को घुटनों के बल लाने पर अहम भूमिका निभाई। इन हथियारों के अचूक वार से पाकिस्तान पस्त हो गया था। अब हम आपको बताते हैं इन हथियारों के बारे में मुख्य बातें…

बोफोर्स तोप

स्वीडन की इस तोप ने कारगिल युद्ध के दौरान अपने दम पर पूरे युद्ध का रूप ही बदल दिया। ऊंचाई पर बंकरों में छिपकर बैठे दुश्मनों को मार गिराने में इस तोप की फायर पावर ने बहुत मदद की। इसका बैरल 70 डिग्री तक घूम सकता है और 42 किलोमीटर तक मार कर सकता है। यह तोप 14 सेकंड में तीन राउंड फायर कर सकती है। 

 

पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर

पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर ने कारगिल युद्ध के दौरान दुश्मनों की इंफैंट्री (पैदल सेना) को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया था। ट्रकों पर लगे इस सिस्टम को डीआरडीओ ने बनाया है। इस सिस्टम की एक यूनिट में 12 रॉकेट होते हैं जो 44 सेकंड में फायर होते हैं। इसके मार्क-1 और मार्क-2 का रेंज 40 किलोमीटर है जबकि मार्क-3 की रेंज 65 किलोमीटर है। 

 

इंसास राइफल

कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने दुश्मनों को मौत की नींद सुलाने के लिए इंसास राइफल का प्रयोग किया था। हालांकि, युद्ध के दौरान इस राइफल के जाम हो जाने, मैगजीन के टूट जाने व रेंज कम होने की शिकायतें भी मिलती रहीं। इंसास का पूरा नाम Indian New Small Arms System है। इस भारतीय राइफल को ऑर्डिनेंस फैक्टरी ने बनाया।

 

एके-47 राइफल

भारतीय सेना के क्लोज कॉम्बेट के लिए एके सीरीज के एके-47 राइफल का प्रयोग किया था। इस राइफल को भारतीय सेना बहुत समय से प्रयोग कर रही है। कारगिल युद्ध में ऊंचाई वाले इलाकों में भी इस राइफल ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था। यह एक मिनट में 600 राउंड फायरिंग कर सकती है।

 

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